आज का इतिहास:73 साल पहले दुनिया का इकलौता यहूदी देश इजराइल अस्तित्व में आया, बनने के 24 घंटे के अंदर ही लड़ना पड़ा था पहला युद्ध
Reviewed by Indian Hotel Center
on
मई 14, 2021
Rating: 5
मकर संक्रांति: सूर्य की यात्रा, खुशियाँ और संस्कृति का पर्व मकर संक्रांति भारत का एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है जिसे हर साल अक्टूबर-दिसंबर के बजाय ग्रहों की चाल के हिसाब से 14 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन सूर्य के मकर राशि (Capricorn) में प्रवेश (उत्तरायण) को दर्शाता है, जो शीतकाल के बाद नए उजाले और ऊर्जा की शुरुआत का प्रतीक है। क्या है मकर संक्रांति? ‘संक्रांति’ शब्द का अर्थ है गति या संक्रमण — यानी जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्रांति के दिन, सूर्य मकर राशि में प्रवेश करके उत्तरी दिशा की ओर बढ़ना शुरू करता है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। इसे जीवन में सकारात्मक बदलाव, नई शुरुआत और प्रकाश की ओर उन्नति का संकेत माना जाता है। यह त्योहार केवल एक धार्मिक दिन ही नहीं, बल्कि कृषि, मौसम और जीवन-चक्र के परिवर्तन का प्रतीक भी है। बहुत पुराने समय से इसे सूर्य देव की पूजा और फसल की कटाई में कृतज्ञता व्यक्त करने के रूप में मनाया जाता रहा है। कैसे मनाते हैं लोग यह पर्व? 1. पतंग उड़ाना (Kite Flying) उत्तरी भारत खासकर गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में आकाश रंगीन...