72 कर्मचारियों ने की वैक्सीन के 1052 नमूनों की जांच:रेगुलेटर और सेंट्रल लैब ने तौर-तरीके बदले तो 7-8 वर्ष में आने वाली वैक्सीन एक वर्ष में लगने लगी, गुणवत्ता भी रही बरकरार
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नवंबर 29, 2021
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महावीर जयंती जैन धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। भगवान महावीर का जन्म लगभग 599 ईसा पूर्व में बिहार के Kundalpur में हुआ था। इस दिन जैन समुदाय के लोग भगवान महावीर के उपदेशों को याद करते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। भगवान महावीर ने अपने जीवन में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे महान सिद्धांतों का उपदेश दिया। उन्होंने सिखाया कि सभी जीवों के प्रति दया और करुणा रखना चाहिए। उनका मानना था कि अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है और इसी से मानव जीवन में शांति और सुख आता है। महावीर जयंती के दिन जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, प्रवचन और शोभायात्राएँ निकाली जाती हैं। लोग दान-पुण्य करते हैं, गरीबों की सहायता करते हैं और पशु-पक्षियों के प्रति दया का भाव रखते हैं। कई स्थानों पर भगवान महावीर की प्रतिमा का अभिषेक किया जाता है और उनके जीवन से जुड़ी झाँकियाँ भी निकाली जाती हैं। आज के समय में भगवान महावीर के उपदेश और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। जब दुनिया हिंसा और ...